कौन कहता है कि हम झूठ नहीं बोलते
More Gulzar Shayari in Hindi
तुझको बेहतर बनाने की कोशिश में
तकलीफ खुद ही कम हो गई
भूलने की कोशिश करते हो
हम ने अकसर तुम्हारी राहों में
क्या पता कब कहाँ मारेगी
मेरी लिखी हर बात को कोई समझ नहीं पाता
तुम मिले तो क्यों लगा मुझे खुद से मुलाकात हो गई
तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है
जिंदगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर
लगता है जिंदगी आज कुछ ख़फ़ा है