बुझ जाएंगी सारी आवाजें यादें यादें रह जाएंगी
More Gulzar Shayari in Hindi
ये माना इस दौरान कुछ साल बीत गए हैं
तेरे शहर तक पहुँच तो जाता
आखिर कह ही डाला उसने एक दिन
क्या पता कब कहाँ मारेगी
भूलने की कोशिश करते हो
कौन कहता है कि हम झूठ नहीं बोलते
कब आ रहे हो मुलाक़ात के लिए
पनाह मिल जाए रूह को जिसका हाथ थामकर
थम के रह जाती है जिंदगी
उम्र जाया कर दी लोगों ने