मैं कभी सिगरेट पीता नहीं
More Gulzar Shayari in Hindi
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ
ख्वाईशें तो आज भी बगावत करना चाहती है
उम्र जाया कर दी लोगों ने
थोड़ा सुकून भी ढूँढिये जनाब
लगता है जिंदगी आज कुछ ख़फ़ा है
कब आ रहे हो मुलाक़ात के लिए
पनाह मिल जाए रूह को जिसका हाथ थामकर
बचपन में भरी दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला
हम ने अकसर तुम्हारी राहों में
आखिर कह ही डाला उसने एक दिन