कब आ रहे हो मुलाक़ात के लिए
More Gulzar Shayari in Hindi
तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है
तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है
मेरी लिखी हर बात को कोई समझ नहीं पाता
जिंदगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर
तुझको बेहतर बनाने की कोशिश में
ऐ उम्र अगर दम है तो कर दे इतनी सी खता
तकलीफ खुद ही कम हो गई
लगता है जिंदगी आज कुछ ख़फ़ा है
तेरे शहर तक पहुँच तो जाता
उम्र जाया कर दी लोगों ने