तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है
More Gulzar Shayari in Hindi
जिंदगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर
तेरे शहर तक पहुँच तो जाता
कौन कहता है कि हम झूठ नहीं बोलते
तकलीफ खुद ही कम हो गई
भूलने की कोशिश करते हो
थम के रह जाती है जिंदगी
थोड़ा सुकून भी ढूँढिये जनाब
लगता है जिंदगी आज कुछ ख़फ़ा है
चखकर देखी है कभी तन्हाई तुमने
मैं कभी सिगरेट पीता नहीं