पनाह मिल जाए रूह को जिसका हाथ थामकर
More Gulzar Shayari in Hindi
ऐ उम्र अगर दम है तो कर दे इतनी सी खता
मैं तो चाहता हूँ हमेशा मासूम बने रहना
भूलने की कोशिश करते हो
तेरे शहर तक पहुँच तो जाता
जिंदगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर
आखिर कह ही डाला उसने एक दिन
तकलीफ खुद ही कम हो गई
तुम मिले तो क्यों लगा मुझे खुद से मुलाकात हो गई
पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो
बुझ जाएंगी सारी आवाजें यादें यादें रह जाएंगी