कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ
More Gulzar Shayari in Hindi
मेरी लिखी हर बात को कोई समझ नहीं पाता
थम के रह जाती है जिंदगी
तुम मिले तो क्यों लगा मुझे खुद से मुलाकात हो गई
तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ
अक्सर वही दिये हाथों को जला देते हैं
बुझ जाएंगी सारी आवाजें यादें यादें रह जाएंगी
आखिर कह ही डाला उसने एक दिन
तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है
मैं कभी सिगरेट पीता नहीं