क्या पता कब कहाँ मारेगी
More Gulzar Shayari in Hindi
ये माना इस दौरान कुछ साल बीत गए
बुझ जाएंगी सारी आवाजें यादें यादें रह जाएंगी
जिंदगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ
उम्र जाया कर दी औरों के वजूद में नुक्स निकालते
ऐ उम्र अगर दम है तो कर दे इतनी सी खता
नहीं रहूँगा मैं तब भी रहूँगा
पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो
मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में
थम के रह जाती है जिंदगी