मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में
More Gulzar Shayari in Hindi
बचपन में भरी दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला
मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में
पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो
तुझको बेहतर बनाने की कोशिश में
थम के रह जाती है जिंदगी
ये माना इस दौरान कुछ साल बीत गए
क्या पता कब कहाँ मारेगी
बुझ जाएंगी सारी आवाजें यादें यादें रह जाएंगी
अक्सर वही दिये हाथों को जला देते हैं
मेरी लिखी हर बात को कोई समझ नहीं पाता