मैं तो चाहता हूँ हमेशा मासूम बने रहना
More Gulzar Shayari in Hindi
तकलीफ खुद ही कम हो गई
पनाह मिल जाए रूह को जिसका हाथ थामकर
थोड़ा सुकून भी ढूँढिये जनाब
जिंदगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर
मैं कभी सिगरेट पीता नहीं
उम्र जाया कर दी लोगों ने
कब आ रहे हो मुलाक़ात के लिए
पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो
चखकर देखी है कभी तन्हाई तुमने
तुझको बेहतर बनाने की कोशिश में