तुम मिले तो क्यों लगा मुझे खुद से मुलाकात हो गई
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ
मैं तो चाहता हूँ हमेशा मासूम बने रहना
तेरे शहर तक पहुँच तो जाता
थोड़ा सुकून भी ढूँढिये जनाब
मैं कभी सिगरेट पीता नहीं
ये माना इस दौरान कुछ साल बीत गए
भूलने की कोशिश करते हो
नहीं रहूँगा मैं तब भी रहूँगा
आखिर कह ही डाला उसने एक दिन
तुम मिले तो क्यों लगा मुझे खुद से मुलाकात हो गई