ख्वाहिशों ने सिखाया कि मचलना कैसे है
More 2 Line Shayari in Hindi
एक लाइन में क्या तेरी तारी लिखूँ
फितूर होता है हर उम्र में जुदा जुदा
दिन में काम नहीं सोने देता रात में एक नाम नहीं सोने देता
कहां जख्म खोल बैठा पगले यह नमक का शहर है
तहजीब अदब और सलीका भी तो कुछ है
उड़ने दो मिट्टी कहां तक जाएगी
कौन समझ पाया है आज तक हमें
मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले हैं
तुम तस्वीरें बदलो मैं तारीफ के तरीके
सीख नहीं पा रहा हूँ मीठे झूठ बोलने का हुनर