कहां जख्म खोल बैठा पगले यह नमक का शहर है
More 2 Line Shayari in Hindi
तुम तस्वीरें बदलो मैं तारीफ के तरीके
अब तो रिहा कर दो अपने ख्यालों से मुझको
कहां जख्म खोल बैठा पगले यह नमक का शहर है
रूह का सकून है इश्क शर्त है सही इंसान से हो
एक लाइन में क्या तेरी तारी लिखूँ
उड़ने दो मिट्टी कहां तक जाएगी
ख्वाहिशों ने सिखाया कि मचलना कैसे है
उम्र कटी दो अल्फ़ाज़ में एक आस में एक काश में
लिया मुझे तूफ़ाँ की मौज ने वरना
सीख नहीं पा रहा हूँ मीठे झूठ बोलने का हुनर