तहजीब अदब और सलीका भी तो कुछ है
More 2 Line Shayari in Hindi
कौन समझ पाया है आज तक हमें
मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले हैं
एक लाइन में क्या तेरी तारी लिखूँ
उम्र कटी दो अल्फ़ाज़ में एक आस में एक काश में
कहां जख्म खोल बैठा पगले यह नमक का शहर है
सुनने वाला ही न सुन पाए तो ये बात अलग है
फितूर होता है हर उम्र में जुदा जुदा
शायरों की बस्ती में कदम रखा तो जाना
उड़ने दो मिट्टी कहां तक जाएगी
रूह का सकून है इश्क शर्त है सही इंसान से हो