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Motivational Thoughts in Hindi Collection


उन पर ध्यान देना बंद कीजिए

उन पर ध्यान देना बंद कीजिए
उन पर ध्यान देना बंद कीजिए
जो आपके पीठ पीछे कहते हैं
इसका सीधा संबंध है आप उनसे बेहतर हैं




जीवन में सफल होना है तो इन पांच वाक्यों को कचरे के डिब्बे में डाल दो

जीवन में सफल होना है तो इन पांच वाक्यों को कचरे के डिब्बे में डाल दो
जीवन में सफल होना है तो इन पांच वाक्यों को
कचरे के डिब्बे में डाल दो

१. लोग करता कहेंगे
२. मुझसे नहीं होगा
३. मेरा मूड नहीं है
४. मेरी किस्मत खराब है
५. मेरे पास टाइम नहीं है




लोगों ने साथ नहीं दिया तो दुखी मत होना

लोगों ने साथ नहीं दिया तो दुखी मत होना
लोगों ने साथ नहीं दिया तो दुखी मत होना
ख्बाब तुम्हारे है तो कोशिश भी तुम्हें ही करनी होगी




इंसान कहता है की पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ

इंसान कहता है की पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ
इंसान कहता है की पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ
और पैसा कहता है की तू कुछ करे तो मैं आऊ




खुद की तरक्की करने में इतना वक़्त लगा दो

खुद की तरक्की करने में इतना वक़्त लगा दो
खुद की तरक्की करने में इतना वक़्त लगा दो
की किसी दूसरे की बुराई करने का वक़्त ही ना मिले




एक इच्छा कुछ नहीं बदलती

एक इच्छा कुछ नहीं बदलती
एक इच्छा कुछ नहीं बदलती
एक निर्णय कुछ बदलता है
लेकिन एक निश्चय सबकुछ बदल देता है




जिंदगी खेलती भी उसी के साथ है

जिंदगी खेलती भी उसी के साथ है
जिंदगी खेलती भी उसी के साथ है
जो खिलाड़ी बेहतरीन होता है




ठोकर इसलिए नहीं लगती की इंसान गिर जाए

ठोकर इसलिए नहीं लगती की इंसान गिर जाए
ठोकर इसलिए नहीं लगती की इंसान गिर जाए
ठोकर इसलिए लगती है ताकि इंसान संभल जाए




लोगों को तब फर्क पड़ना शुरू होता है

लोगों को तब फर्क पड़ना शुरू होता है
लोगों को तब फर्क पड़ना शुरू होता है
जब आपको किसी बात से कोई फर्क नहीं पड़ता




पानी में गिरने से किसी की जान नहीं जाती

पानी में गिरने से किसी की जान नहीं जाती
पानी में गिरने से किसी की जान नहीं जाती
जान तभी जाती है जब तैरना नहीं आता
परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती
समस्या तभी बनती है जब हमें परिस्थितियों
से निपटना नहीं आता




कामयाबी का जनून होना चाहिए

कामयाबी का जनून होना चाहिए
कामयाबी का जनून होना चाहिए
फिर मुश्किलों की क्या औकात है




यू जमीं पर बैठकर आसमान क्या देखता है

यू जमीं पर बैठकर आसमान क्या देखता है
यू जमीं पर बैठकर आसमान क्या देखता है
पंखों को खोल ज़माना सिर्फ उड़ान देखता है




अपने अंदर के अहंकार को निकाल कर

अपने अंदर के अहंकार को निकाल कर
अपने अंदर के अहंकार को निकाल कर
स्वयं को हल्का कर लीजिए
क्योंकि ऊंचा वही उठता है जो हल्का होता है