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Kitab Shayari in Hindi

अब मत खोलना मेरी ज़िंदगी की पुरानी किताबों को
अब मत खोलना
मेरी ज़िंदगी की पुरानी किताबों को
जो था वो मैं रहा नहीं
जो हूं वो किसी को पता नहीं